Puja

रक्षा बंधन 2003 : राखी पर इस बार कब से कब तक रहेगा भद्रा का साया?

Raksha Bandhan 2023 Date: पिछले वर्ष की तरह इस बार भी रक्षा बंधन के दिन भद्रा का साया रहेगा। यही कारण है कि इस बार रक्षाबंधन दो दिनों तक मनाया जाएगा। आओ जानते हैं कि कब है राखी का त्योहार और भद्राकाल कब से कब तक रहेगा। इसी के चलते कब बांधी जाएगी राखी और किस शुभ मुहूर्त में? 

 

कब रहेगा रक्षाबंधन का पर्व : परंपरा से रक्षा बंधन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस बार श्रावण मास की पूर्णिमा का प्रारंभ 30 अगस्त 2023 बुधवार को सुबह 11:00:27 को होगा और 31 अगस्त सुबह 07:07:23 को इसका समापन होगा। यानी इस गणणा से देखा जाए तो पूर्णिमा 30 अगस्त को ही रहेगी।

 

भद्राकाल कब से कब तक रहेगा : 30 अगस्त को भद्रा काल सुबह 10:58 से होकर रात्रि 09:01 तक रहेगी। यानी यदि रक्षाबंधन मनाना हो तो रात्रि में 09 बजकर 01 मिनट के बाद ही मनाया जा सकता है, क्योंकि 31 अगस्त को सुबह में ही पूर्णिमा तिथि का लोप हो जा रहा है। भद्राकाल में तब शुभ कार्य नहीं किए जा सकते जबकि भद्रा का निवास धरती पर हो। इस बार भद्रा का निवास धरती पर ही है।

 

कब मनाएं रक्षाबंधन का पर्व : 30 अगस्त की रात्रि 09 बजकर 01 मिनट के बाद ही यह त्योहार मनाया जाना चाहिए। 

 

भद्रा का साया : 30 अगस्त रक्षा बंधन के दिन भद्राकाल रहेगा। भद्रा काल सुबह 10:58 से रात्रि 09:01 तक रहेगा।

 

भद्रा के बाद ही बांधें राखी : राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रात्रि 9 बजकर 1 मिनट पर भद्राकाल समाप्ति होने के बाद है।

 

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त समय : रात्रि 9:01 से 11:13 तक। (शुभ के बाद अमृत का चौघड़िया)

 

31 अगस्त के शुभ मुहूर्त :

राखी बांधने का शुभ महुर्त इस दिन सुबह 7 बजकर 5 मिनट तक का है। इसके बाद पूर्णिमा का लोप हो जाएगा।

अमृत मुहूर्त सुबह 05:42 से 07:23 बजे तक।

इस दिन सुबह सुकर्मा योग रहेगा।

 

इन मुहूर्त में भी बांधी जा सकती है राखी- 

अभिजित मुहूर्त : दोपहर 12:14 से 01:04 तक।

अमृत काल : सुबह 11:27 से 12:51 तक।

विजय मुहूर्त : दोपहर 02:44 से 03:34 तक।

सायाह्न सन्ध्या : शाम 06:54 से रात्रि 08:03 तक।