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हरतालिका तीज में क्यों महिलाएं रातभर जागती हैं?

Hartalika Teej Vrat 2023 : भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है। इस वर्ष यह व्रत 18 सितंबर 2023, दिन सोमावर को किया जा रहा है। इस व्रत के कई कड़े नियम है जिसमें से एक है रात में नहीं सोना। इसीलिए महिलाएं रातभर जागती रहती हैं। आओ जानते हैं कि इस नियम के पीछे की मान्यता क्या है।

 

इस दिन शिवजी की आठों प्रहर पूजा होती है। विशेष पूजा का प्रारंभ सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल से किया जाता है और सुबह इसका समापन होता है। इस व्रत में समय समय पर पूजा करती हैं और रातभर भजन एवं लोकगीत गाती रहती हैं। इस पूजा में मिट्टी में बालू मिलाकर उसका शिवलिंग बनाकर उसकी पूजा करते हैं। 

 

यह भी मान्यता है कि यदि जो भी महिला एक बार इस व्रत को रखना प्रारंभ कर देती हैं तो उसे जीवनभर रखना होता है। इस व्रत में किसी भी प्रकार से अन्न-जल ग्रहण नहीं किया जाता है। अगले दिन सुबह पूजा के बाद जल पीकर व्रत खोलने का विधान है। ऐसी मान्यता भी है कि जिस भी तरह का भोजन या अन्य कोई पदार्थ ग्रहण कर लिया जाता है तो अन्न की प्रकृति के अनुसार उसका अगला जन्म उस योनि में ही होता है। लेकिन यह मान्यता एक जनश्रुति भर है। 

 

इसी तरह आठों प्रहर पूजा भी करना होती है और यह भी मान्यता या अंधविश्वास है कि जो महिला सो जाती है उसे अजगर या मगरमच्छ की योनि प्राप्त होती है।