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Jagannath rath yatra 2023 : जगन्नाथ रथ यात्रा में इस बार 25 लाख भक्त होंगे शामिल

Jagannath Rath Yatra 2023 : इस बार ओड़िसा राज्य के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्‍व प्रसिद्ध रथ यात्रा में करीब 25 लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने का अनुमान है। रथ यात्रा 20 जून को दोपहर में प्रारंभ होगी। सुबह से ही लोगों की भीड़ जमा होना प्रारंभ हो गई है। मंगला आरती के बाद भगवान को खिचड़ी का भोग लागया गया और अब रथों की पूजा प्रारंभ होने वाली है। 

 

उल्लेखनीय है पुरी में तीन भव्य रथों को सजाया जाता है। रथ यात्रा में बलभद्र, बहन सुभद्रा और जगन्नाथ भगवान को रथ में बैठाया जाता है। भक्त रथ को बारी-बारी से खींचकर 4 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर ले जाते हैं। इस रथ यात्रा में तकरीबन 25 लाख लोगों के आने की संभावना है। हर साल होने वाली इस यात्रा में देश-विदेश से लोग शामिल होने पहुंचते हैं। पूरे शहर को 14 जोन और 29 सेक्टर में बांटकर  रथ यात्रा के संचालन के लिए 170 प्लाटून पुलिस पुलिस बल तैनात किए गए हैं। संपूर्ण शहर और यात्रा मार्ग को दुल्हन की तरह सजाया गया है। 

 

रखें सावधानी :

यदि आपने पहले से होटल, धर्मशाला या ठहरने की व्यवस्था नहीं कराई है तो आपको इसका ध्यान रखना होगा क्योंकि सभी जगहें फुल हो चुकी है। 

भीड़ से बच्चों भो वृद्धों को दूर ही रखें तो बेहतर है अन्यथा उनके साथ आप भी परेशान होंगे।

मंदिर के आसपास बाजार है, जहां खाने के लिए स्ट्रीट मार्केट या रेस्तरां मिल जाएंगे, लेकिन खाते वक्त शुद्धता का ध्यान जरूर रखें। 

कई दुकानों में स्वादिष्ट व्यंजन कम दामों में मिलते हैं, आप वहां ट्राई कर सकते हैं। 

ये कार्य जरूर करें:

भगवान जगन्नाथ के दर्शन जरूर करें और रथ में रस्सी खींचने का मौका मिले या न मिले लेकिन रथ यात्रा में शामिल जरूर हों।

यहां पर खाजा, दालमा, छेना पोड़ा, रसबली, पोड़ा पीठा खाना न भूलें।

यहां का जो महाप्रसाद होता है उसे खाना न भूलें क्योंकि वह बहुत ही अनोखे तरीके से बनाया जाता है।

 

जगन्नाथ पुरी का किराया कितना है? पुरी कैसे पहुंचें?

– पुरी पहुंचने के लिए सड़क, रेलवे और हवाई तीनों मार्ग उपलब्ध है।

– देश के हर बड़े शहरों से पुरी का रेलवे स्टेशन जुड़ा हुआ है। यहां पर आप सड़क मार्ग से भी पहुंच सकते हैं।

– आपके शहर से डायरेक्ट पुरी के लिए कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं है तो आप भुवनेश्वर ट्रेन से पहुंचकर पुरी के लिए ट्रेन पकड़ सकते हैं।

– भुवनेश्वर से पुरी की दूरी मात्र 60 किलोमीटर और पूरी रेलवे स्टेशन से जगन्नाथ मंदिर की दूरी मात्र 2 किलोमीटर है।

– यदि आपका पुरी तक पहुंचने का माध्यम हवाई जहाज है तो इसका नजदीकी एयरपोर्ट भुवनेश्वर है।

 

पुरी में कहां पर ठहरें?

पुरी जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र में ठहरने के लिए 4 विकल्प हैं- 1.मंदिर ट्रस्ट की तरफ से बने भक्ति निवास, 2.धर्मशाला 3. प्राइवेट होटल और 4.पूरी का मरीन ड्राइव लाइन। आप अपनी सुविधा और बजट के अनुसार रुकने की व्यवस्था देख सकते हैं। यात्रा में शामिल होने के लिए आ रहे हैं तो पहले से ही जगह को बुक कराना होगा। ऑफिशियल वेबसाइट पर ट्रस्ट के रूम बुक करा सकते हैं।