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Karadaiyan nombu: तमिल त्योहार कारादाइयन नौम्बू व्रत क्यों मनाया जाता है?

Karadaiyan Nombu 2024: कारादाइयन नौम्बू व्रत एक तमिल त्योहार है। इसका व्रत मीन संक्रांति के दिन रखा जाता है। जिस दिन सूर्य कुम्भ राशि से मीन राशि में प्रवेश करते हैं, उसी दिन सूर्योदय से कारादाइयन व्रत किया जाता है। तमिल माह मासी समाप्त के दिन यह व्रत रखा जाता है। इसके बाद पंगुनी माह प्रारंभ होता है। करदाइयन या करदई एक नैवेद्यम का नाम है और नौम्बू का अर्थ है व्रतम अथवा उपवासम। इस बार यह पर्व 14 मार्च 2024 बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा।

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कारादाइयन नौम्बू व्रत- प्रात: 06:32 से दोपहर 12:46 तक।

मंजल सरदु मुहूर्त- दोपहर 12:46 पर।

 

कारादाइयन नौम्बू व्रत की पौराणिक कथा:-

इस व्रत की कथा में सावित्री और सत्यवान की कथा पढ़ी जाती है। सावित्री ने अपने पति सत्यवान को मृत्यु के देवता यम से इसी दिन पुनः प्राप्त किया था। इसलिए इस व्रत को सावित्री व्रतम के नाम से भी जाना जाता है।

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क्या करते हैं इस दिन:

इस दिन महिलाएं देवी गौरी की पूजा करती हैं तथा उन्हें कारादाइयन नौम्बू नैवेद्यम अर्पित करती हैं।

पूजा के बाद महिलाएं अपने पति की रक्षा के लिए एक पवित्र पीला सूती धागा बांधती हैं, जिसे मंजल सरदु अथवा नौम्बू चरडू कहते हैं।

महिलाएं अपने पति लंबी उम्र की कामना करती हैं। 

कुंवारी लड़कियां आदर्श पुरुष को अपने पति के रूप में पाने के लिए प्रार्थना करती हैं।

उपवास का समय और अवधि स्थानीय सूर्योदय एवं संक्रान्ति के समय पर निर्भर करती है तथा सभी स्थानों के लिए यह समय भिन्न-भिन्न होता है।